What Are Emotions Called? (Part - 01) (हिंदी अनुवाद- भावनाऍ किसे कहते है? भाग - 01)
Updated: Jul 18, 2025
दिनांक : 12.07.2025
अध्याय- 03 : भावनाऍ किसे कहते है?

जीवन को विवेकीय बनाने के लिए भावनाओं को समझना अनिवार्य हैं l व्यक्ति का जीवन भावनाओं से अप्रभावित रहना बहुत मुश्किल हैं l भावनाओं को जज्बात के रप में भी जाना जाता हैं l
चेतना को विकसित करने के तीन साधन है- ध्यान, प्रेम और भक्ति । ऐसा नहीं है कि ओशो ने सत्य, प्रेम, चेतना के विकास के लिए सिर्फ सिद्दातो की ही व्याख्या की हो बल्कि वे चेतना के विकास हेतु आवश्यक प्रयोग भी विस्तार से समझाते है। ओशो के पेतीस साल बाद भी एक वाक्य लोगो के मुॅह से सुना जा सकता है कि आज लोगो की भावनाए, भौतिकवाद के युग में अशुद्द हो गई है। ओशो ने सत्तर साल पहले भाव-शुद्दि पर काम करना शुरु कर दिया था। अन्य लोगो के साथ मैनें भी ओशो के भाव-शुद्दि के प्रयोग आरंभ किए तो उनके चमत्कारिक परिणाम सामने आए।
सबसे पहले, हमें यह समझना होगा कि भाव और भावनाए क्या होती है। भाव का अर्थ है-- मानव के भीतर से जागे हुए विचार। व्यक्ति के मन में उठने वाले अलग-अलग अनुभव और प्रतिक्रियाऍ, भावनाए कहलाती है। जैसे- खुशी, दुख, गुस्सा, प्यार, डर इत्यादि। भावना किसी की आशिंक रुप से मानसिक, आंशिक रुप से शारीरिक प्रतिक्रियाओं को प्रकट करती है। खुशी, दर्द, आकर्षण या विकर्षण से भावनाऍ पहचानी जाती है। भावनाऍ केवल एक प्रतिक्रिया के अस्तित्व का सुझाव देती है। प्रतिक्रिया की प्रकृति या तीव्रता के बारे में संकेत भी करती है। इसकी प्रकृति और तीव्रता के बारे में सब कुछ नहीं बताती है। इस प्रकार भावनाए, किसी घटना या स्थिति के जवाब में उदय होती हैं। भावनाओं से जुडी हुई कुछ बातो पर गौर करे तो हम भावनाओ का भावार्थ आसानी से समझ सकेगे-
भावनाओ में खुशी, दर्द, आकर्षण, और विकर्षण शामिल है। भावनाए, गतिशील होती है इसलिए एक पल में खुश होना और दूसरे पल में दुखी होना सामान्य बात है।
भावनाए, किसी चीज, घटना या स्थिति के विशेष महत्व को दर्शाती हैे।
भावनाऍ, मन की शांति, शारीरिक संवेदना और हाव-भाव का एक जटिल अनुभव माना जाता है।
भावनाए किसी ऐसी कार्रवाई या घटना से जुडी होती है जो इतिहास में घटित हुई हो या भविष्य में घटित होनें की संभवना हो।
मेरियम का मानना है कि भावनाऍ, मस्तिष्क की गतिविधियो का परिणाम होती है। मस्तिष्क के विभिन्न भाग जैसे एमिग्डाला, हिप्पोकेम्पस और प्रीफ्रटल कांर्टेक्स, भावना को उत्पन्न करने में महत्वपूर्ण भूमिक निभाते है। डाक्टर मेगन अन्ना के शोध के अनुसार भावनाए, मानसिक और शारीरिक अवस्थाओं का जटिल गठजोड है। वे आनंद के उल्लास से लेकर उदासी में भय के आवेग, आश्चर्य के झटके और घृणा सहित, सब कुछ समेटे हुए है। भावना क्षणिक मात्र नहीं होती है। वे हमारे विकल्पों, कार्यो और सामाजिक अंतःक्रियाओं को प्रभावित करने वाले शक्तिशाली कारक है। यह हमारें स्वास्थय और कल्याण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। मनोविज्ञान और तंत्रिका विज्ञान को समाहित करते हुए भावनाओ का अध्ययन, उनके जटिल कामकाज और मानव व्यवहार पर पडने वालें प्रभावो को उजागर करते है।
आगे जारी है ...........




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